नई दिल्ली/रांची: हवा में उड़ते विमान में जब एक 4 महीने के मासूम की सांसें उखड़ने लगीं, तो माता-पिता के पैर तले जमीन खिसक गई। फ्लाइट के भीतर चीख-पुकार और डर का माहौल था, लेकिन तभी उसी विमान में सवार एक डॉक्टर देवदूत बनकर सामने आए। उन्होंने अपनी सूझबूझ और मेडिकल स्किल के दम पर न सिर्फ बच्चे की जान बचाई, बल्कि एक बार फिर साबित कर दिया कि डॉक्टरों को ‘धरती का भगवान’ क्यों कहा जाता है।
क्या है पूरा मामला?
यह हैरान कर देने वाली और दिल को छू लेने वाली घटना रांची से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट में हुई। विमान ने रांची से उड़ान भरी ही थी कि कुछ देर बाद एक 4 महीने के बच्चे की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई। बच्चे को सांस लेने में भारी तकलीफ (Severe Breathlessness) होने लगी और वह छटपटाने लगा। बच्चे की बिगड़ती हालत को देख केबिन क्रू ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए फ्लाइट में मेडिकल इमरजेंसी की घोषणा की और यात्रियों से पूछा कि क्या विमान में कोई डॉक्टर मौजूद है?
बिना वक्त गंवाए आगे आए डॉक्टर नितिन
खुशकिस्मती से उसी फ्लाइट में रांची के सदर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर नितिन कुमार भी सफर कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने इमरजेंसी की घोषणा सुनी, वे बिना एक पल गंवाए अपनी सीट से उठे और बच्चे के पास पहुंचे।
डॉक्टर नितिन ने देखा कि ऑक्सीजन की कमी और सांस की तकलीफ के कारण बच्चे की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। उन्होंने तुरंत फ्लाइट में मौजूद मेडिकल किट का इस्तेमाल किया। डॉक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चे को फर्स्ट ऐड दिया और उसे जरूरी मेडिकल असिस्टेंस (Medical Assistance) प्रदान की। कुछ ही मिनटों की कड़ी मशक्कत और डॉक्टर के प्रयासों के बाद बच्चे की सांसें सामान्य होने लगीं और उसकी हालत में सुधार आया।
सुरक्षित पहुंचाया गया अस्पताल
डॉक्टर नितिन कुमार पूरी उड़ान के दौरान बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रहे। उधर, पायलट ने दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी और विमान की प्रायोरिटी लैंडिंग कराई गई। जैसे ही फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई, वहां पहले से ही एम्बुलेंस और मेडिकल टीम तैयार थी। बच्चे को तुरंत सुरक्षित तरीके से आगे के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर तारीफों का सैलाब
इस घटना की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर डॉक्टर नितिन कुमार की बहादुरी और तत्परता की जमकर तारीफ हो रही है। लोग उन्हें ‘असली हीरो’ और ‘धरती का भगवान’ बता रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर सही समय पर डॉक्टर साहब ने मोर्चा न संभाला होता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर डॉक्टरों के प्रति समाज के सम्मान को और बढ़ा दिया है।


