पीलीभीत का शातिर चपरासी: सरकारी खजाने से उड़ाए 5 करोड़, अपनी तीन पत्नियों और रिश्तेदारों को बनाया करोड़पति

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध एक इंटर कॉलेज में तैनात चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी ने सरकारी धन को लूटने का ऐसा तरीका निकाला कि उसने विभाग की नाक के नीचे दो साल के भीतर पूरे 5 करोड़ रुपये साफ कर दिए। शम्सी का काम कॉलेज में वेतन बिल तैयार करना और टोकन जेनरेट करना था, लेकिन इसी तकनीकी पहुंच का इस्तेमाल कर उसने एक फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाई और साल 2024 से 2026 के बीच सरकारी खाते से करोड़ों की रकम निजी खातों में ट्रांसफर कर ली।

‎भ्रष्टाचार के इस खेल में शम्सी ने बड़ी चालाकी से लूट की पूरी रकम अपने परिवार की सात महिलाओं के बीच बांट दी। इस काली कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा उसकी तीन पत्नियों के पास गया, जिसमें लुबना को 2.37 करोड़ और आजरा खान को 2.12 करोड़ रुपये मिले। यही नहीं, आरोपी ने अपनी साली फातिमा के खाते में भी 1.03 करोड़ रुपये भेजे और अपनी सास नाहिद को 95 लाख रुपये का मालिक बना दिया। इसके अलावा परिवार की अन्य महिलाएं आफिया, आशकारा और परवीन के खातों में भी लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए।

‎यह पूरा घोटाला तब उजागर हुआ जब सरकारी बजट के मिलान और ऑडिट के दौरान भारी गड़बड़ी पकड़ी गई। एक मामूली चपरासी द्वारा सिस्टम के साथ की गई इस बड़ी छेड़छाड़ ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में विभाग और पुलिस की टीमें इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आरोपी सहित उन सभी लाभार्थियों पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है जिनके पास यह पैसा पहुंचा है। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस बड़े गबन में विभाग के कुछ और अधिकारी भी पर्दे के पीछे से उसका साथ दे रहे थे।