नई दिल्ली (अबशार उलहक) : गाजियाबाद से लोकसभा सांसद अतुल गर्ग ने सोशल मीडिया पर अपनी छवि खराब किए जाने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 22 जून 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मेरठ निवासी सोनू चौहान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘समाचार प्लस ओटीटी’ (Samachar Plus OTT) के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और संसद के अपमान का नोटिस दिया है।
क्या है पूरा मामला?
लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में सांसद अतुल गर्ग ने अवगत कराया है कि सोनू चौहान और समाचार प्लस ओटीटी द्वारा उनके खिलाफ लगातार निराधार, भ्रामक और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की जा रही है। सांसद के अनुसार, उक्त पोर्टल पर उनके खिलाफ मुख्य रूप से पांच गंभीर और तथ्यहीन आरोप लगाए गए हैं:
1. सरकारी जमीन हड़पना
2. अपने ही भाई की जायदाद पर कब्जा करना
3. भूमाफिया के रूप में कार्य करना
4. छात्रों की जेब काटना
5. सांसद निधि में घोटाला करना
सांसद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया है।
दर्ज हो चुकी है FIR, आरोपी गिरफ्तार
पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार, इस दुष्प्रचार के खिलाफ गाजियाबाद में पहले ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति (सोनू चौहान) को गिरफ्तार भी कर लिया है और वर्तमान में पुलिस जांच जारी है।
सांसद गर्ग ने एक चौंकाने वाला तथ्य भी सामने रखा है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सोनू चौहान ने कुबूल किया है कि यह आपत्तिजनक सामग्री समाचार चैनल के स्वामी के निर्देशानुसार प्रसारित की जा रही है। सांसद ने चिंता जताई है कि बिना उनका पक्ष जाने या तथ्यों की पुष्टि किए बिना इस तरह का प्रसारण अभी भी जारी है।
संसदीय कामकाज हो रहा प्रभावित, संसद की गरिमा का हनन
सांसद अतुल गर्ग ने लोकसभा अध्यक्ष को बताया कि इस लगातार हो रहे दुष्प्रचार से उन्हें मानसिक तनाव और व्यक्तिगत पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर उनके संसदीय कामकाज और समितियों में उनके योगदान पर पड़ रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से ‘सांसद निधि में घोटाले’ के आरोप को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आरोप सीधे तौर पर एक सांसद के रूप में उनके कर्तव्यों से जुड़ा है। सार्वजनिक रूप से ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करना न केवल एक सांसद का अपमान है, बल्कि यह संसद की गरिमा और प्रतिष्ठा का भी हनन है।
लोकसभा अध्यक्ष से त्वरित कार्रवाई की मांग
अपने पत्र के अंत में सांसद अतुल गर्ग ने संसद के नियमों और प्रक्रियाओं के नियम 222 और 227 का हवाला देते हुए लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इस नोटिस का संज्ञान लिया जाए। उन्होंने आरोपी सोनू चौहान और संबंधित सोशल मीडिया चैनल के खिलाफ ‘विशेषाधिकार हनन’ और ‘संसद के अपमान’ के तहत तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सांसद ने अपने शिकायत पत्र के साथ सबूत के तौर पर विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के लिंक, दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी और गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त को भेजे गए पत्र की प्रति भी संलग्न की है। अब इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार है।


