मुरादनगर (अबशार उलहक) : मुरादनगर-रावली-सुराना मार्ग पर सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे लोगों के लिए अब खतरे की घंटी बज चुकी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे अवैध निर्माणों को लेकर अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 मई को दी गई पहली चेतावनी के बाद, अब यह उनका दूसरा और बिल्कुल अंतिम नोटिस है।

दरअसल, इस पूरे इलाके में यातायात को सुगम बनाने के लिए मुरादनगर-रावली-सुराना मार्ग को चौड़ा करने का काम किया जाना है। वर्तमान में 7 मीटर चौड़ी इस सड़क को किलोमीटर 1 से 5 तक के दायरे में 10 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव है। PWD के नियमों के मुताबिक, सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच (सेंटर पॉइंट) से दोनों तरफ 33-33 फुट (यानी कुल 66 फुट) की जमीन पूरी तरह से सरकार की है। इस 66 फुट के दायरे में आने वाले किसी भी मकान या दुकान के बढ़े हुए हिस्से को अवैध अतिक्रमण माना गया है, जिसे विकास कार्य के लिए हर हाल में हटाया जाना है।
प्रशासन ने इस दूसरे और फाइनल नोटिस के जरिए स्थानीय निवासियों को अपनी मर्जी से अतिक्रमण हटाने के लिए सिर्फ 7 दिन की आखिरी मोहलत दी है। नोटिस में दी गई सख्त हिदायत के अनुसार, अगर एक हफ्ते के भीतर सरकारी जमीन खाली नहीं की गई, तो विभाग खुद कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ढहा देगा। सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि इस तोड़फोड़ में होने वाला सारा खर्च और मकान-दुकान का नुकसान भी कब्जा करने वाले को अपनी ही जेब से भरना होगा। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329(3) के तहत अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर सख्त दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ने अपनी इस अंतिम सूचना के अंत में स्थानीय लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से सड़क चौड़ीकरण के इस कार्य में सहयोग करने की अपील की है। हालांकि, प्रशासन किसी भी ढिलाई के मूड में नहीं है; इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस नोटिस की एक कॉपी एसडीएम मोदीनगर और थाना मुरादनगर पुलिस को भी भेज दी गई है। इसका सीधा सा मतलब है कि अगर 7 दिन में लोगों ने खुद सरकारी जमीन से अपना कब्जा नहीं हटाया, तो पुलिस और प्रशासन पूरी तैयारी के साथ इस अंतिम चेतावनी पर एक्शन लेंगे।


