जेल से छूटते ही रेप आरोपी सुशील प्रजापति को शक्ति प्रदर्शन करना पड़ा भारी, मुरादनगर में भी FIR दर्ज

गाजियाबाद (अबशार उलहक) : मुरादनगर रेप के मामले में जेल में बंद रहे हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व पदाधिकारी सुशील प्रजापति को जमानत मिलने के बाद समर्थकों के साथ सड़क पर शक्ति प्रदर्शन करना बेहद महंगा पड़ गया है। मसूरी पुलिस के बाद अब मुरादनगर पुलिस ने भी रेप आरोपी सुशील प्रजापति और उसके 10 से 15 समर्थकों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुरादनगर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ब्रज विहार कॉलोनी निवासी आरोपी सुशील प्रजापति के खिलाफ पहले से ही मुरादनगर थाने में रेप समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत है। इसी मामले में वह डासना जिला कारागार में बंद था और बीते 17 मई 2026 को ही जमानत पर बाहर आया था।

‎शिकायत और स्थानीय इनपुट के मुताबिक, 17 मई को जैसे ही रेप आरोपी सुशील प्रजापति जेल से छूटा, बड़ी संख्या में उसके समर्थक गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ उसे लेने डासना जेल पहुंच गए। वहाँ समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उसका जोरदार स्वागत किया और फिर वाहनों का हुजूम निकालते हुए मुरादनगर की ओर रवाना हो गए। इस दौरान दिल्ली-मेरठ नेशनल हाईवे-58 पर भारी भीड़ जुटने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। आरोप है कि इस काफिले में शामिल लोगों ने दुहाई से मुरादनगर की तरफ आते समय एनएच-58 पर बेहद लापरवाही और उतावलेपन से वाहन चलाए और स्टंटबाजी की। इतना ही नहीं, ब्रजविहार कॉलोनी के मुख्य रास्ते के सामने हाईवे पर और फिर सुशील के घर पहुंचकर इन लोगों ने जमकर आतिशबाजी की और गाली-गलौज की। इस हुड़दंग और शक्ति प्रदर्शन की वजह से राहगीरों और स्थानीय निवासियों के जीवन में भय, संकट और भारी अव्यवस्था पैदा हो गई, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

‎इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादनगर पुलिस ने रेप आरोपी सुशील प्रजापति और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि इस मामले में मसूरी थाने में भी पहले ही सुशील प्रजापति और उसके 10-12 अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। थाना प्रभारी के निर्देश पर अब मुरादनगर वाले मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर काफिले में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।