गाजियाबाद (अबशार उलहक) : जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के दौरान भोजन वितरण की सेवा दे रहे जुनैद के परिजनों के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित बदसलूकी के मामले में ‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ (APCR) ने कड़ा संज्ञान लिया है।

घटना की सूचना मिलते ही बीते दिन APCR के एक प्रतिनिधिमंडल ने गाजियाबाद स्थित जुनैद के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की थी और उन्हें हर संभव कानूनी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में आज APCR की कानूनी टीम ने मसूरी थाना प्रभारी (SHO) हरेंद्र मलिक से जुनैद के पिता की उपस्थिति में इस घटनाक्रम पर विस्तृत वार्ता की।

वार्ता के दौरान वकीलों के दल ने पुलिसिया रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। APCR प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस तरह की अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं रुकी, तो संगठन कानूनी रास्ते अपनाते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पार्टी बनाकर कानूनी कटघरे में खड़ा करेगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में नदीम अख्तर (एडवोकेट) की अगुवाई में मुजीबुर्रहमान (एडवोकेट), अफसर चौधरी (एडवोकेट), मोहसिन चौधरी (एडवोकेट) एवं गुलफाम सिद्दीकी (एडवोकेट) शामिल रहे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि नागरिक अधिकारों के हनन के खिलाफ यह लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।


