मुरादनगर (अबशार उलहक) : गाजियाबाद के मुरादनगर में दिल्ली-मेरठ हाईवे पर इन दिनों बुलेट मोटरसाइकिलों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर से पटाखे जैसी तेज आवाज निकालने का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज रफ्तार और कान के पर्दे फाड़ देने वाली इन आवाजों ने हाईवे पर सफर करने वाले राहगीरों और आसपास के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
हाईवे पर अचानक होने वाली इन तेज धमाकों जैसी आवाजों से वाहन चालक चौंक जाते हैं, जिससे सड़क पर उनका संतुलन बिगड़ने का गंभीर खतरा रहता है। अधिकांश मामलों में युवा और नाबालिग बिना किसी खौफ के स्टंट और तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते नजर आते हैं, जिन्हें यातायात नियमों का कोई डर नहीं है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि मुरादनगर के स्थानीय बाजारों में ये मॉडिफाइड साइलेंसर बहुत आसानी से मिल जाते हैं, जिससे इन युवाओं की पहुंच यहां तक और आसान हो जाती है।
व्यस्त मार्ग होने के बावजूद पुलिस और ट्रैफिक विभाग की निगरानी के कारण इन मनचलों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर विशेष चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे साइलेंसर और तेज रफ्तार बाइकों पर रोक लगाई जाए, अवैध रूप से इन्हें बेचने वाली दुकानों पर शिकंजा कसा जाए और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में उनके अभिभावकों की जिम्मेदारी तय की जाए।
सड़क हादसे के बाद कागजी कार्रवाई करने से बेहतर है कि पुलिस प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना समय रहते इस पर पूर्ण विराम लगाए। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या ट्रैफिक विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के घटने से पहले इन हुड़दंगियों के खिलाफ कोई ठोस अभियान चलाएगा या लोग इसी तरह दहशत में जीने को मजबूर रहेंगे?


