गाजियाबाद/मुरादनगर (अबशार उलहक): विकास और बुनियादी ढांचे की मजबूती के बड़े-बड़े दावों के बीच गाजियाबाद के मुरादनगर कस्बे की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। मुरादनगर कस्बा रोड की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि अब यह पहचानना मुश्किल है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच सड़क बची है। स्थानीय लोग, व्यापारी और राहगीर रोजाना इस उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं, लेकिन मुरादनगर नगरपालिका ने इस गंभीर समस्या की तरफ से अपनी आंखें पूरी तरह से मूंद रखी हैं।

तस्वीरें जो बयां करती हैं प्रशासन की नाकामी
सामने आई तस्वीरों से इस मुख्य मार्ग की खस्ताहालत का स्पष्ट प्रमाण मिलता है। पूरी सड़क से डामर पूरी तरह गायब हो चुका है और यह एक कच्चे, पथरीले और धूल भरे रास्ते में तब्दील हो गई है। सड़क पर जगह-जगह इतने बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं कि उन पर से स्कूटर और मोटरसाइकिल जैसे दोपहिया वाहनों का गुजरना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। व्यस्त बाजार होने के बावजूद, ई-रिक्शा, कार और बाइक सवारों को इस जर्जर रास्ते पर हिचकोले खाते हुए और मुश्किल से अपना संतुलन बनाते हुए देखा जा सकता है। सड़क पर पड़ी खुली बजरी और उड़ती धूल ने लोगों का पैदल चलना तक मुहाल कर दिया है।

जनता बेहाल, जिम्मेदार मौन
इस खस्ताहाल सड़क के कारण आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए ऐसे गहरे गड्ढों में वाहन का संतुलन बिगड़ना आम बात हो गई है, जिससे हर समय दुर्घटना का खुला निमंत्रण बना रहता है। इस पथरीले रास्ते की वजह से गाड़ियों के सस्पेंशन और टायरों में भारी टूट-फूट हो रही है, जिससे लोगों की जेब पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा, यह मार्ग बाजार के बीच से होकर गुजरता है और उड़ती धूल व खराब रास्ते के कारण ग्राहकों का आना-जाना काफी मुश्किल हो गया है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर स्थानीय दुकानदारों के व्यापार पर पड़ रहा है।

नगरपालिका की कार्यशैली पर उठते गंभीर सवाल
सबसे बड़ा सवाल मुरादनगर नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठता है। आखिर कस्बे के इतने महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग की इस कदर अनदेखी क्यों की जा रही है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? टैक्स भरने वाली जनता को बुनियादी सुविधाओं के नाम पर यह धूल फांकती और गड्ढों से भरी सड़क मिलना, नगर निकाय की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाता है। अब वक्त आ गया है कि मुरादनगर नगरपालिका अपनी गहरी नींद से जागे, इस समस्या का तुरंत संज्ञान ले और जल्द से जल्द इस सड़क के नवनिर्माण का कार्य शुरू करवाए क्योंकि जनता अब खोखले वादे नहीं, बल्कि धरातल पर काम देखना चाहती है।


